होली की हार्दिक शुभकामनाओं सहित 'नवयुग' का 28 फरवरी अंक!
मुखपृष्ठ पर लीड स्टोरी 'कांग्रेस में प्राण फूंकने के राहुल गांधी के प्रयत्नों में सबसे बड़ी बाधा उनके गैरजिम्मेदार-बयानवीर राजनेता और निदान!' साथ ही चिरंजीव जोशी 'सरोज' का विशेष सम्पादकीय 'महमूद गजनवी के 'भक्तिकालीन' अवतारों की लूट जारी, चौकीदार गांजे में मस्त-मगन'..और माया मृग Maya Mrig का एक चुटीला व्यंग्य..पिछले चार साल की राजनीतिक कहानी चंद लाइनों में!
पृष्ठ 3 पर राजस्थान में साम्प्रदायिक ताकतों के षड्यंत्र पर रौशनी डालता आलेख! पृष्ठ 4 पर केंद्रीय बजट में घोषित स्वास्थ्य बीमा योजना की हकीकत बयां करता विश्लेषण रमेश जैन द्वारा। साथ में मध्य प्रदेश पर आर के शर्मा! पृष्ठ 5 पर रवीश कुमार हैं!
पृष्ठ 6 पर एक युवा सशक्त हस्ताक्षर अंशुल कृष्णा के दो व्यंग्य (पद्य और गद्य) को पढ़िए! और 'होली' पर विशेष देश के तीन कालजयी कवि-शायर फणीश्वर नाथ 'रेणु'-जयशंकर प्रसाद-नजीर अकबराबादी की कालजयी होली रचनाएं! पृष्ठ 7 पर होली की तरंग में पकौड़ा आख्यान- साहित्यकार नीलोत्पल मृणाल Nilotpal Mrinal का व्यंग्य और जितेंद्र नरुका की संघ के 'हवन ड्रामे' पर टिप्पणी!
अंतिम पृष्ठ पर दो त्वरित टिप्पणियां- एक राजस्थान विधानसभा में भूत-प्रेत के बहाने लोकतंत्र का मजाक उड़ाते हमारे जनप्रतिनिधियों पर और दूसरी जनरल बी पी रावत के ऊलजलूल बयानों पर हमारी दृष्टि!
अंतिम पृष्ठ पर ही पढ़ें दो सशक्त हस्ताक्षरों को - कविता कृष्णपल्लवी Kavita Krishnapallavi की कविता 'तानाशाह हंसाने से डरता है' और डॉ. संगीता गांधी की 'शाब्दिक जुलाब'!








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